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तुम बिन हम ना रह पाएंगे (old dairy 30.08.04)

कोशिशें हज़ार की हर कोशिश नाकाम हुई, तुझे सोंचे बिना हम रह पाएं, इस दिल ने नहीं इजाज़त दी, हर दिन नामुमकिन सा लगे, तुझे देखे बिना जीना, हर दिन उदास सा लगे, तुझे सुने बिना रहना, हर एक वादा निभाएंगे, कभी ना सताएंगे, तुम हमेशा मेरी रहना, तुम बिन हम ना रह पाएंगे। तुम बिन हम ना रह पाएंगे।।

बस रब जाने (Old Dairy 25.08.2004)

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तेरी चाहतों को सीने से लगा कर, ढेरों सपने देखे हैं हमने, उन ख़्वाबों को सिरहाने रख कर, काटीं हैं कितनी रातें हमने, वो बेख़बर मेरे हमसफर मुझसे ज्यादा, तू खुद को भी ना जाने, क्या होगा हमारे प्यार का ना मैं जानूँ, ना तू जाने, बस रब जाने।

वज़ह है क्या

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मेरेनसीब के साथ छोड़ने की वज़ह है क्या मेरे अपनो के रूठने की वज़ह है क्या। माना के हाथों की लकीरें मेरे काबू में ना रहीं, लेकिन मेरे दिल के बागी होने की वजह है क्या। माना के अनेकों तारे जीतने मेरे दोस्त खफ़ा हो गयें, लेकिन मेरे अपने चाँद के खोने की वज़ह है क्या। माना के वो मुझे छोड़ चली गयी और मै बेसुद रह गया, लेकिन बार बार मेरे नब्ज़ को टटोलने की वज़ह है क्या।

पापा

दुनिया में अगर कोई असली हीरो हैं तो वो हैं पापा जब जब मैं गिरा, आपकी बहुत याद आई  जो जो बातें समझाईं थी वो सब याद आईं  आपसा कोई नहीं है दूजा  जितनी भी करूँ कम है पूजा आपसे ही तो है ज़िन्दगी मेरी आज जो भी मैं हूँ  वो आपसे ही हूँ आपके बिना तो मैं अधूरा भी नहीं हूँ पापा मेरे प्यारे पापा आपसा कोई नहीं प्यारा आपसे ही ये जग सारा पापा मेरे प्यारे पापा मेरी लाइफ के सुपर हीरो  आपके बिना मैं तो जीरो मम्मी की मार से बचाते कितना भी थक जाते मुझे कांधे पे घुमाते बिना मांगे सब कुछ लाते पता नहीं कैसे जान जाते पापा मेरे प्यारे पापा आपसा कोई नहीं प्यारा आपसे ही ये जग सारा पापा मेरे प्यारे पापा जब भी गिर जाता था  आप उठाने आते थे हौसला मेरा बढ़ाते थे अब जब भी गिर जाता हूँ  आपकी याद बहुत आती है जीवन के आपा धापी में कमी बहुत खलती है पापा मेरे प्यारे पापा आपसा कोई नहीं प्यारा आपसे ही ये जग सारा पापा मेरे प्यारे पापा क्यों छोड़ चले गए  हमसे रूठ क्यों गए हमसे क्या हुई है गलती क्या हमारी याद नहीं आती  क्या मेरी फिक्र नही सताती  अब तंग नहीं करेंगे कभी वापस आ जाइये अभ...

रुक मेरे बेटे

रुक मेरे बेटे थोड़ा wait कर, 2 min जरा सा wait कर चेक कर लेने दे मुझे पहले whatsapp चेंज कर लेने दे fb का status लिख लेने दे दो चार पंक्तियां yq पर फिर भेज लेने दे उन्हें insta पर रुक मेरे बेटे थोड़ा wait कर

कर्मपथ

कर्म पथ पे बढ़ता चल कदमताल से होती हलचल पथभ्रमित ना होना कभी त्याग ही दिलाता सुनहरा कल।

हवा कुछ कह रही थी- इश्क़ अश्क़

हवा कुछ कह रही थी धीमे-धीमे चुपके से फ़िज़ा में जो हो रही थी गुफ़्तगू हमारे बारे में... उसने सुनी थी बातें उस पीपल के पत्तों की जिसकी छाँव में हम एक दूसरे से मिलते थे। हंसते कभी, कभी तो रोते एक दूसरे के कंधों पे बारी- बारी सर रख कर सोंचते आलिंगन कभी, कभी चूमते एक दूसरे की आंखों में हम बहुत देर तक डूबे रहते चिंतित कभी, कभी भयभीत अपने भविष्य के बारे में हम कितनी ही बातें करते जो प्रेम किया करते थे वो सब कुछ देखा था वो सब कुछ सुना था उन पीपल के पत्तों ने वो ये भी विमर्श किया करते थे अलग-अलग धर्मों के होकर हम दोनों कैसे मिलेंगे इस कठोर समाज से कैसे लड़ेंगे वो ये भी बातें किया करते थे की हम कब तक मिला करेंगे उनके तने से अड़ कर हम कब तक लिपटते रहेंगे उनको अच्छा लगता था हमारा उनके नीचे प्रेम करना एक दूसरे की हाँथों में हाँथ डाल अक़ीबत के सपने बुनना उन्होंने पूछा है इन हवाओं से ही हमारी प्रेम कहानी के बारे में अब इनसे मैं क्या कहूँ हम जी रहे हैं अलग- अलग चौबारे में आखिर मैं हवाओं से क्या कहूँ हमारी अधूरी प्रेम कहानी के बारे में।