संग चलो भाइयों
संग चलो भाइयों बदलाव लाना के लिए देश को सबसे बेहतर बनाना के लिए। कब तक डर कर जीते रहोगे, खून के आँशु पीते रहोगे, नौकरी चाकरी के चक्कर में देश को लूटने देते रहोगे, आना होगा आगे सबको पढ़े लिखे युवाओं को, सीधे साधे सुलझे हुए, भविष्य के नए नेताओं को, ऐसा कौनसा काम बना है जो तुम ना कर पाओगे, रग रग में दौड़ता जुनून यूँही ना बर्बाद करो, जब उठो यलगार करो खुद में बदलाव करो उठो जागो नए सवेरे का सब मिल कर सत्कार करो। संग चलो भाइयों बदलाव लाना के लिए देश को सबसे बेहतर बनाना के लिए।