गहरे ज़ख़्म Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 06, 2025 गहरे ज़ख़्म भरूं कैसे, कैसे भुलाउं तेरी यादें, तेरी यादें जब भी आतीं हैं, बुझे राख भी हैं जल जाते। Read more